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ब्यूबोनिक प्लेग - All About Bubonic Plague

ब्यूबोनिक प्लेग क्या है, इसके लक्षण और यह कैसे फैलता है?

Bubonic Plague in China: कोरोनावायरस के बाद चीन में एक और नई घातक बीमारी जिसका नाम है ब्यूबोनिक प्लेग. उतरी चीन में ब्यूबोनिक प्लेग का एक मरीज मिला है. चीन के People's Daily Online रिपोर्ट के अनुसार ब्यूबोनिक प्लेग को लेकर आंतरिक मंगोलियाई स्वायत्त क्षेत्र, बयन्नुर शहर में रविवार को एक चेतावनी जारी कि गई और एक दिन बाद अस्पताल में ब्यूबोनिक प्लेग का मरीज दर्ज किया गया. यहाँ पर इस बिमारी कि रोकथाम के लिए स्तर III कीतावनी को जारी किया गया है. 

What is bubonic plague, its symptoms and how it spreads?


बयूबोनिक प्लेग क्या है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार ब्यूबोनिक प्लेग , प्लेग का सबसे आम रूप है और एक संक्रमित पिस्सू के काटने से होता है. यह बीमारी बैक्टीरिया यर्सिनिया पेस्टिस के कारण होती है जो आम तौर पर छोटे स्तनधारियों और उनके पिस्सू में पाए जाने वाले एक जूनोटिक जीवाणु होते हैं. 

प्लेग बेसिलस, Y. पेस्टिस, काटने पर प्रवेश करता है और लसीका प्रणाली के माध्यम से निकटतम लिम्फ नोड तक पहुंचता है जहां यह रेप्लिकेट होता है. लिम्फ नोड में फिर सूजन आजाती है, तनाव और दर्दनाक हो जाता है, और इसे 'बुबो' कहा जाता है.

संक्रमण के उन्नत चरणों में सूजन लिम्फ नोड्स मवाद से भरे खुले घावों में टूट सकते हैं. ब्यूबोनिक प्लेग में मानव के लिए मानव संचरण दुर्लभ है. ब्यूबोनिक प्लेग को काली मृत्यु के रूप में भी जाना जाता है.

रोग के लक्षण इसमें एक से सात दिनों के बाद दिखाई देते हैं. यह बीमारी आमतौर पर पिस्सू के काटने से फैलती है जो चूहों, खरगोशों और गिलहरियों जैसे संक्रमित जीवों पर भोजन के लिए निर्भर करते हैं.

बयूबोनिक प्लेग के क्या लक्ष्ण हैं?

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, इस बिमारी के लक्षण, अचानक बुखार आना, ठंड लगना, सिर दर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी महसूस होना, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और मतली जैसे लक्ष्ण दिखाई दे सकते हैं. 

बयूबोनिक प्लेग आखिर कितनी घातक बिमारी है और इसका इलाज कैसे किया जा सकता है?

इस महामारी को मध्य युग में ब्लैक डेथ भी खा जाता था. इस महामारी के कारण यूरोप में आधी से अधिक आबादी मारी गई थी. इस बिमारी का अब काफी हद तक इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जा सकता है.

बयूबोनिक प्लेग क्या मानव-से-मानव में फैल सकता है या नहीं?

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, ब्यूबोनिक प्लेग के मानव से मानव संचरण दुर्लभ हैं. ब्यूबोनिक प्लेग अपने एडवांस रूप में फेफड़े में फैला सकता है, जो कि न्युमोनिक प्लेग नामक अधिक गंभीर प्रकार का प्लेग होता है.

बयूबोनिक प्लेग का इतिहास

ब्लैक डेथ, महामारी जिसने 1347 और 1351 के बीच यूरोप को तबाह कर दिया था. ब्लैक डेथ को व्यापक रूप से प्लेग का परिणाम माना गया है, जो जीवाणु येरसिनिया पेस्टिस के संक्रमण के कारण होता है. इसलिए, आधुनिक प्लेग महामारी की उत्पत्ति मध्यकाल में हुई. 

ब्यूबोनिक प्लेग के कारण हुई ‘काली मौत’, मानव इतिहास में सबसे खराब महामारियों में से एक, जिसने 14वीं शताब्दी में लाखों लोगों का जीवन लिया था. कथित तौर पर प्लेग एशिया में कहीं उत्पन्न हुआ था, और चीन और अन्य जगह फ़ैल गया. 1340 और 1350 के दशक में यूरोपीय आबादी का अनुमानित दो-तिहाई हिस्सा इससे प्रभावित हो गया था.

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, प्लेग लोगों में एक बहुत गंभीर बीमारी है. जब तक जल्दी इलाज नहीं किया जाता है, तब तक न्यूमोनिक रूप हमेशा घातक होता है. यह विशेष रूप से संक्रामक है और हवा में बूंदों के माध्यम से व्यक्ति-से-व्यक्ति संपर्क के माध्यम से गंभीर महामारी को ट्रिगर कर सकता है. 2010 से 2015 तक, दुनिया भर में 3248 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 584 मौतें शामिल थीं.

ऐतिहासिक रूप से, प्लेग उच्च मृत्यु दर के साथ व्यापक महामारी के लिए जिम्मेदार था. यह चौदहवीं शताब्दी के दौरान "ब्लैक डेथ" के रूप में जाना जाता था, जिससे यूरोप में 50 मिलियन से अधिक मौतें हुईं. आजकल, प्लेग को आसानी से एंटीबायोटिक दवाओं के साथ इलाज किया जाता है और संक्रमण से बचने के लिए मानक सावधानियों का उपयोग किया जाता है.

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